आनंद कुमार- आधुनिक भारतीय गणितशास्त्री

आनंद कुमार भारत की  एक ऐसी महान हस्ती है जिन्होंने गरीब छात्रों के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उन्होंने भारत के मध्यम एवं गरीब वर्ग के  प्रतिभाशाली छात्रों को  उच्च व्यास करने का अवसर प्रदान किया है। हाल ही में रिलीज हुई मूवी सुपर30  आनंद कपूर की  जीविका है।

  •  जन्म – 1 जनवरी 1973
  •  जन्म स्थान –  पटना, बिहार, भारत
  •  शिक्षा – ग्रेजुएशन 
  •  माता – जयंती देवी
  • पत्नी – रितु रश्मि
  • महत्वपूर्ण उपलब्धि – श्री रामानुजन अवार्ड(2010) ,मौलाना अब्दुल कलाम आजाद  शिक्षा पुरस्कार(2010)

आनंद कुमार का प्रारंभिक जीवन

शुरुआत के दिनों में आनंद कुमार दिन के समय गणित अध्यापक का काम करते थे और शाम को अपनी मां के साथ पापड़ बनाने का काम करते थे। उन्होंने घर की आर्थिक परिस्थिति को समझा और छात्रों को घर से ही ट्यूशन देने का काम शुरू किया। पटना की विश्वविद्यालय में गणित की विदेशी पत्रिकाएं नहीं थी इसलिए वह 6 घंटे की रेल यात्रा करके वाराणसी जाकर विदेशी पत्रिकाओं का अभ्यास करते थे। 

आनंद कुमार जब तक का प्रयास कर रहे थे उस दौरान 10 गणित  गैजेट को को एक संपादन का पत्र भेजा था। इस संपादन की वजह से आनंद कुमार को कैंब्रिज विश्वविद्यालय में दाखिला मिला था लेकिन अपने पिता की मृत्यु और घर की आर्थिक परिस्थिति के कारण आनंद कुमार कैंब्रिज विश्वविद्यालय में जाकर उच्च  अभ्यास नहीं कर पाए।

आनंद कुमार के नाम से जाने जाते भारतीय गणित शिक्षक  ने  सुपर 30  की शुरुआत की है। उन्होंने सुपर थर्टी की शुरुआत पटना, बिहार से  2002 में शुरू किया था। सुपर थर्टी कार्यक्रम के तहत आनंद कुमार छात्रों को आईआईटी और जेईई  जैसी परीक्षाओं का मुहावरा कराते थे और भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान में दाखिला करते थे। 2018 तक की गिनती की बात करें तो आनंद कुमार के 481 छात्रों में से 422 छात्रों ने आईआईटीएस में प्रवेश लिया था। आनंद कुमार समाज के वंचित  छात्रों को आईआईटी और  जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं का ज्ञान बांटते हुए उत्तम समाज सेवा का काम किया  है। उनकी जीवन के विशिष्ट कार्य को  एक फिल्म में रूपांतरित किया गया है। इस फिल्म का नाम है  सुपर 30। इस फिल्म में आनंद कुमार की भूमिका मशहूर अभिनेता रितिक रोशन ने  निवाई  है।

आनंद कुमार और सुपर 30

अनंत कुमार ने 1992  साल में, गणित पढ़ाना शुरू किया उन्होंने ₹500 महीने शेख संस्थान शुरू की जिसका नाम था रामानुजन  स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स। साल के अंत तक छात्रों की संख्या 2  से 26 हो गई। 3 साल की अंदर उनकी संस्था में छात्रों की संख्या 500  हो गई । सन 2000 में जब एक गरीब छात्र आईआईटी और जेईई अभ्यास के लिए आया  तब वह छात्र की आर्थिक स्थिति  ऐसी थी कि वह अपनी वार्षिक प्रवेश शुल्क नहीं दे सकता था। इस घटना से प्रेरित होते हुए आनंद कुमार ने सुपर 30  कार्यक्रम की शुरुआत की।

2002 के बाद और मई के महीने में रामानुजन स्कूल ऑफ़ मैथमेटिक्स में सुपर 30 कार्यक्रम के लिए 30 छात्रों का चयन किया जाता है। इसके लिए एक प्रवेश परीक्षा ली जाती है। इस परीक्षा के पास आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की 30  प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया जाता है । मोर इन छात्रों को 1 साल के लिए अध्ययन सामग्री और  आवास मुफ्त में प्रदान किया जाता है। आनंद कुमार इन छात्रों को आईआईटीएस की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार करते हैं। उनकी मां, जयंती देवी छात्रों के लिए खाना बनाती है और उनके भाई प्रणव कुमार देखभाल का प्रबंध करते हैं।

 सन 2003 से 2017 तक के  450 छात्रों में से 391 छात्रों ने आईआईटी की परीक्षा उत्तीर्ण की। सन 2010 में आईआईटी-  जेईई परीक्षा में भारत  के टॉप 3 में  सुपर 30 के छात्र थे। कौन से साल में सुपर 30 के कितने छात्रों ने आईआईटीकी परीक्षा उत्तरण की उसका विवरण।

  • 2006 – 30
  • 2007 – 30
  • 2011 – 24
  • 2012 – 27
  • 2013 – 28
  • 2014 – 27
  • 2015 – 25
  • 2016 – 28
  • 2017 – 30
  • 2018 – 26

वैश्विक पहचान

 मार्च 2009 में, डिस्कवर डिस्कवरी चैनल पर सुपर 30  पर एक कार्यक्रम प्रसारित किया गया। इसके अलावा प्रसिद्ध अखबार ध  न्यूयॉर्क टाइम्स ने  आधे पेज का एक पोस्ट प्रकाशित किया।प्रसिद्ध न्यूज़ चैनल बीबीसी ने आनंद कुमार के सुपर 30  कार्यक्रम पर एक चित्रित प्रदर्शित किया। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद,अन्य भारतीय आईआईटी संस्थान, ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी, टोक्यो यूनिवर्सिटी और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसी विभिन्न  संस्थाओं में  अपने सुपर 30  की कार्यक्रम के अनुभव की गोष्टी की।

सुपर 30 कार्यक्रम की सराहनाबराक ओबामा के विशेष राजदूत राशिद हुसैन ने की। उन्होंने सुपर 30 को भारत की सर्वश्रेष्ठ संस्था कहा। न्यूजवीक पत्रिका ने आनंद कुमार की सुपर 30 की पहल को दुनिया के सबसे चार नवीन स्कूलों की सूची में शामिल किया। 

आनंद कुमार को प्राप्त हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियां

  • गरीब छात्रों को मुफ्त में कोचीन प्रदान करने के लिए 2009 में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया। 
  • 2010 में टाइम्स मैगजीन ने सुपर 30 को बेस्ट ऑफ एशिया में शामिल  किया।
  • 2010 में आनंद कुमार को आईआरडीएस द्वारा रामानुजन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • 2010 में बिहार सरकार ने राज्य का सर्वोच्च पुरस्कार मौलाना अब्दुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार दिया।
  • 2010 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रोफेसर यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  •  2011 में फोकस की यादी में आनंद कुमार को शामिल किया गया।
  • आनंद कुमार को ब्रिटिश कोलंबिया सरकार द्वारा भी अवार्ड दिया  गया।
  • उन्हें  कपगम यूनिवर्सिटी की ओर से डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद पदवी से सम्मानित किया गया।
  • मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें महर्षि वेदव्यास पुरस्कार से सम्मानित किया फुल।
  • आनंद कुमार को जर्मनी के सेक्सोनी के शिक्षा मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया।
  • भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आनंद कुमार को राष्ट्रीय बाल कल्याण पुरस्कार से सम्मानित किया।
  •  2018 में आनंद कुमार को दुबई में मालाबार गोल्ड एंड डायमंड द्वारा ग्लोबल एजुकेशन अवॉर्ड 2018 से सम्मानित किया।
  •  2019 में अमेरिकी संस्था फाउंडेशन फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन द्वारा शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया। 

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